cooperative loan and adhikoshan yojna

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सहकारी ऋण एंव अधिकोषण योजना-

          विभिन्न कृषि उत्पादन कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में यह योजना एक अभूतपूर्व भूमिका अदा करती हैं । इस समय सहकारी ऋण समितियों अपने कृषक सदस्यों को कृषि उत्पादन ऋण, उर्वरक, बीज, कीटनाशक दवाओं आदि के लिए साधन उपलब्ध करा रही हैं। इसके अतिरिक्त समाज के निर्बल वर्ग के लोगों का उपेक्षित न रहने देने के उददेश्य से यह प्रतिबन्ध भी लगाया गया है कि वितरित किये जाने वाले ऋण का कम से कम 30 प्रतिशत ऋण इसी वर्ग के लोगों को दिया जाय । उत्तराखण्ड राज्य में जिला सहकारी बैकों के माध्यम से कृषि ऋण समितियों में मिनी बैंक भी संचालित किये जा रहे हैं । राज्य में 5 नगरीय सहकारी बैंक कार्यरत हैं, जिनमें से नैनीताल एंव अल्मोडा के नगरीय बैकों की ख्याति बहुत अच्छी है उनके द्वारा नगरीय क्षेत्र में रोजगार सृजन के अवसर दिये जा रहे हैं । वेतनभोगी कर्मचारियों की सुविधा के लिए उनके संस्थानों में वेतनभोगी सहकारी समितियों का गठन किया गया है जिनके द्वारा अपने सदस्यों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है । अधिकांश वेतनभोगी समितियों की आर्थिक स्थिति सुदृढ है । इस कार्यक्रम के अन्तर्गत निम्नलिखित अनुदान प्रदापन किये जाते हैंः-

  1.  पैक्स के सचिवों के वेतन हेतु कामन कैडर अनुदान
  2. अनु0जाति/जनजाति के सदस्यों के अंश क्रय हेतु ब्याज रहित ऋण/अनुदान
  3. प्रारम्भिक कृषि ऋण समितियों को हानियों की प्रतिपूर्ति हेतु अनुदान
  4. प्रारम्भिक कृषि सहकारी ऋण समितियों को मिनी बैंक की स्थापना हेतु प्रबन्धकीय एंव साज-सज्जा अनुदान
  5. अनु0जाति/जन जाति के सदस्यों को ब्याज पर राहत हेतु अनुदान
  6. महिला बचत समूह को मार्जिन मनी
  7. महिला बचत समूह गठित करने एवं प्रशिक्षण हेतु वित्तीय सहायता

 1-पैक्स के सचिवों के वेतन हेतु कामन कैडर अनुदान-

            वर्तमान व्यवस्था के अन्तर्गत प्रारम्भिक कृषि ऋण समितियों के नियुक्त कैडर सचिवों को वेतन देनें में समिति एंव बैंक के अंशदान जो कुल वितरित ऋण का 1.50 प्रतिशत एंव 0.50 प्रतिशत होता है, से अधिक जितनी धनराशि भुगतान की जाती है, की प्रतिपूर्ति इस योजना से की जाती है ।

2-अनुसूचित जाति एंव जनजाति के सदस्यों को अंशक्रय हेतु ब्याज रहित ऋण/अनुदान-

            वर्तमान में सदस्य बनने हेतु उक्त मद में अधिकतम 100 रूपये (50 प्रतिशत ब्याज रहित ऋण, 50 प्रतिशत अनुदान) नये सदस्य को दिया जाता है।

3-प्रारम्भिक सहकारी कृषि ऋण समितियों को हानियों की प्रतिपूर्ति हेतु अनुदान-

       वर्तमान में समितियों को वर्ष दौरान ऋण वितरण में भी हानि की प्रतिपूर्ति हेतु आवश्यक धनराशि अनुदान स्वरूप दी जाती है, समितियों का स्वाश्रियता बढाने के प्रयास किये जा रहे हैें

4-प्रारम्भिक सहकारी कृषि ऋण समितियों को मिनी बैंक की स्थापना हेतु प्रबन्धकीय एंव साज-सज्जा अनुदान-

          वर्तमान में जिन प्रारम्भिक कृषि ऋण सहकारी समितियों में मिनी बैंक प्रारम्भ किये जाते हैं, उन्हे तीन वर्ष तक 10,000.00 रू0 प्रति वर्ष की दर से प्रबन्धकीय अनुदान एंव रू0 30,000.00 रू0 साज-सज्जा अनुदान केवल एक बार प्रदान किया जाता है । समितियों को स्वाश्रयी करने हेतु यह योजना लाभकारी है ।

5-अनु0जाति/जनजाति के सदस्यों को ब्याज पर राहत हेतु अनुदान-

        वर्तमान में अनु0जाति/जनजाति के सदस्यों को 3 प्रतिशत की दर से ब्याज पर राहत दी जाती है ।

6-महिला बचत समूह को मार्जिन मनी-

           जिला योजना में महिला बचत समूहो को मार्जिन मनी मद प्रदान किया जाता है ।

7-महिला बचत समूह गठित करने एवं प्रशिक्षण हेतु वित्तीय सहायता-

          जिला योजना में महिला बचत समूह गठित करने हेतु प्रशिक्षण हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है ।

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